पाकिस्तान का लाहौर शहर शुक्रवार को धमाकों से थर्राता रहा. दिन में हुए दो ज़बरदस्त आत्मघाती हमलों के बाद शाम को शहर में छह और धमाके हुए. 48 लोग इन धमाकों में मारे गए हैं जिनमें 8 सैनिक भी शामिल हैं.
पाकिस्तानी सेना की तरफ़ से जारी एक बयान में कहा गया है कि आत्मघाती हमलावर ने एक सैन्य ठिकाने के नज़दीक आरए बाज़ार में गश्त लगा रहे सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया. धमाके के बाद जैसे ही अन्य सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंचे तो एक और आत्मघाती हमलावर ने ख़ुद को उड़ा दिया.
यह बाज़ार शहर के कैंट एरिया में है जहां सेना के कई प्रतिष्ठान और सैन्य अफ़सरों के मकान हैं. स्थानीय जिओ टीवी पर दिखाए जाने वाले एक विडियो में धमाके के बाद आग की लपटें और धुआं दिखाया गया. सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि धमाकों में 48 लोग मारे गए हैं जिनमें 8 सैनिक हैं. लगभग 100 घायलों में दर्जन भर सैनिक भी शामिल हैं.
पाकिस्तान तालिबान के एक प्रवक्ता ने जियो टीवी को फ़ोन कर इन धमाकों की ज़िम्मेदारी ली है. हफ़्ते भर में यह लाहौर में होने वाला दूसरा बड़ा हमला है. 80 लाख की आबादी वाला लाहौर भारतीय सीमा के नज़दीक है और पूरे देश की तरह कुछ दिनों से यह शहर भी अल क़ायदा और तालिबान के बम हमलों का निशाना बन रहा है.
दिन में हुए दो ज़बरदस्त हमलों के बाद शुक्रवार की शाम को भी लाहौर में छह और धमाके हुए. लाहौर से डॉयचे वेले संवाददाता तनवीर शहज़ाद ने ख़बर दी है कि अल्लमा इक़बाल टाउन इलाक़े में ये धमाके हुए हैं. हालांकि ये सभी कम तीव्रता वाले थे और इनमें किसी की जान नहीं गई है, लेकिन घरों की कई खिड़कियां टूट गईं. इन धमाकों में तीन लोगों के घायल होने की ख़बर है. शहर में धमाकों की इस लहर से आम लोग दहशत में हैं.
पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अमेरिका का अहम सहयोगी है और अमेरिकी दबाव में ही उसे अफ़ग़ानिस्तान से लगने वाले अपने सरहदी इलाक़े में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी पड़ रही है. इस क्षेत्र को तालिबान और अल क़ायदा की सुरक्षित पनाहगाह माना जाता है और अमेरिका इसे दुनिया में सबसे ख़तरनाक जगह बताता है.
रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार
संपादनः ओ सिंह