इंटरनेट की सबसे बड़ी कंपनी गूगल चीन के साथ जारी अपने गतिरोध पर बातचीत कर रही है और इसके बाद ही तय होगा कि भविष्य में गूगल चीन में पांव जमाए रखेगी या नहीं. सेंसरशिप और पाबंदियों के बीच गूगल ने चीन छोड़ने की बात कही थी.
गूगल की चीन प्रवक्ता मार्शा वांग ने बताया, "हम निश्चित तौर पर चीन की सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं. लेकिन ज़ाहिर है कि हम उस बातचीत के पल पल की जानकारी किसी को नहीं दे सकते हैं. हम इस बात को साफ़ कर चुके हैं कि हम अपने सर्च के नतीजों में सेंसर बर्दाश्त नहीं कर सकते."
इससे पहले गूगल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को अमेरिका में कहा कि अगर अपने डेटा को सेंसर करने पर बाध्य किया जाएगा तो उनकी कंपनी चीन को छोड़ने की पूरी तैयारी कर रही है. चीन दुनिया का सबसे बड़ा इंटरनेट बाज़ार है.
गूगल की वाइस प्रेसिडेंट और डिप्टी जनरल काउंसेल निकोल वांग ने प्रतिनिधि सभा के विदेश मामलों की समिति को बताया था कि गूगल अपने इस फ़ैसले पर अडिग है कि वह सर्च के नतीजों को सेंसर नहीं करेगा. उन्होंने कहा था कि अगर विकल्प यह है कि उन्हें अपना डॉट सीएन बंद करना पड़े और चीन से हटना पड़े, तो वे इसके लिए भी तैयार हैं.
गूगल ने पिछले दिनों आरोप लगाया था कि चीन में उसके ख़िलाफ़ साइबर हमले हो रहे हैं और उसके जीमेल अकाउंट के साथ छेड़छाड़ हो रही है. इसके बाद से ही उसने इसका विरोध शुरू कर दिया था और चीन छोड़ देने तक की बात कह दी थी. इस वजह से अमेरिका और चीन सरकारों के बीच भी अनबन हो गई थी. चीन में लगभग 40 करोड़ इंटरनेट यूज़र हैं, जो अमेरिका की कुल आबादी से भी कहीं ज़्यादा हैं.
रिपोर्टः एएफ़पी/ए जमाल
संपादनः ए कुमार