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ख़ास ख़बर

सभी पार्टियों से मशविरे के बाद पेश होगा बिल

महिला आरक्षण विधेयक पर लगातार विरोध झेल रही यूपीए सरकार ने आख़िरकार सभी पार्टियों से राय मशविरा करने का फ़ैसला किया है. सरकार ने कहा कि लोकसभा में यह बिल तभी पेश होगा, जब सभी पार्टियों से बातचीत हो जाएगी.

बिल के तीन प्रखर विरोधी लालू यादव, मुलायम यादव और शरद यादव ने महिला आरक्षण विधेयक ने आज वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी से मुलाक़ात की, जिसके बाद बातचीत का रास्ता खुल गया. इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और डीएमके के नेता टीआर बालू ने भी हिस्सा लिया.

बताया जाता है कि बैठक के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पर कुछ भरोसा जताया गया. बातचीत के बाद प्रणब मुखर्जी ने लोकसभा में एक बयान जारी कर कहा कि सरकार सभी पक्षों से बातचीत का काम पूरा करेगी.

मुखर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस मुद्दे पर सभी पार्टियों से बातचीत के लिए तैयार हैं. लोकसभा के नेता मुखर्जी ने कहा, "ऑल पार्टी मीटिंग बुलाने में कोई हर्ज नहीं है. प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया है कि सर्वदलीय बैठक में हम सभी से चर्चा कर सकते हैं और मतभेदों को कम के कमतर कर सकते हैं."

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री पीके बंसल ने उम्मीद जताई कि सात निलंबित सांसदों का मामला आज ही सुलझ सकता है. उन्होंने कहा कि इसका समाधान हो जाना चाहिए. राज्यसभा की कार्यवाही में बाधा पहुंचाने के आरोप में सभापति हामिद अंसारी ने सात सांसदों को सस्पेंड कर दिया था. इसके बाद जब वे सदन से बाहर जाने को राज़ी नहीं हुए, तो उन्हें मार्शलों ने उठा कर बाहर कर दिया.

भारत की संसदीय प्रणाली में महिलाओं को एक तिहाई रिज़रवेशन देने वाला बिल मंगलवार को राज्यसभा में पास कर दिया गया, जबकि आने वाले दिनों में इसे लोकसभा में पेश किया जाएगा. यादव तिकड़ी इस बिल का विरोध कर रहे हैं. लालू और मुलायम यादव ने बिल पेश किए जाने के साथ ही सरकार से समर्थन वापसी का भी एलान कर दिया था, हालांकि बाद में दोनों ठंडे पड़ गए. समझा जाता है कि अगले हफ़्ते यह बिल लोकसभा में पेश किया जाएगा.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल

संपादनः ए कुमार

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