आईसीसी ने आईपीएल के ख़िलाफ़ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की अपील ठुकरा दी है और कहा कि वह किसी घरेलू टूर्नामेंट में दख़ल नहीं दे सकती है. आईपीएल में इस बार किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को नहीं चुना गया.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि पीसीबी ने आईपीएल के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल आईसीसी में शिकायत की थी. सूत्रों के मुताबिक़, "दुर्भाग्य से आईसीसी का जवाब बहुत अच्छा नहीं रहा और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड उसके इस जवाब से ख़ुश नहीं है." पाकिस्तान बोर्ड का आरोप है कि जान बूझ कर आईपीएल में उसके खिलाड़ियों की बोली नहीं लगाई गई.
आईसीसी के सीईओ हारून लोर्गाट ने पाकिस्तान बोर्ड को लिखा कि वह उन टूर्नामेंटों में कोई दख़ल नहीं दे सकते हैं, जो मुख्य तौर पर घरेलू हों. आईसीसी ने कहा, "आईपीएल के मालिक भी क्रिकेट संस्थाओं से जुड़े हुए नहीं हैं और आईसीसी इस मामले में भी कुछ नहीं कर सकती है."
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी के फ़ैसले के बाद इस मामले को रफ़ा दफ़ा करने का मन बना लिया है और सूत्रों के मुताबिक़ इस साल चैंपियन्स लीग या अगले साल आईपीएल में वह अपने खिलाड़ियों को हिस्सा नहीं लेने देगा.
जनवरी में जब आईपीएल में किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी की बोली नहीं लगी तो पाकिस्तान में ख़ूब हो हल्ला मचा. इसके बाद भारत सरकार ने भी आईपीएल और इसके मालिकों पर निशाना साधते हुए कहा था कि जो हुआ, अच्छा नहीं हुआ.
पाकिस्तान में एक सूत्र का कहना है, "दरअसल कुछ टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेना चाहती थीं. लेकिन अतिवादियों ने उन्हें धमकी दी थी कि अगर ऐसा हुआ तो इसके ख़राब नतीजे होंगे. इसके बाद ही टीमों ने पाकिस्तानी क्रिकेटरों से परहेज़ किया." सूत्रों के मुताबिक़ कुछ टीम मालिकों ने इसके बाद आईपीएल प्रशासन से खिलाड़ियों की सुरक्षा मांगी, जो उन्हें नहीं दी गई. बताया जाता है कि इसके बाद भारत सरकार से भी गुहार लगाई गई लेकिन सरकार का कहना था कि सुरक्षा सिर्फ़ राष्ट्रीय टीमों को दी जाती है, अलग अलग खिलाड़ियों को नहीं.
इसके बाद जब आईपीएल टीमों से कहा गया कि वे ख़ुद खिलाड़ियों की सुरक्षा तय करें, तो टीम मालिकों ने पाकिस्तानी क्रिकेटरों से दूरी बना ली.
रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल