रात और सुबह बेमौसम बरसात के बाद जगह जगह कीचड़ और पानी भर जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश विधानसभा के पहले चरण में मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह दिखा. 60 फीसदी से ज्यादा लोगों ने वोट दिए, जो पिछले चुनाव से काफी अधिक है.
वेब पर डाले एक चीनी बच्चे के वीडियो ने ऑनलाइन कम्युनिटी में हंगामा कर रखा है. इस वीडियो में चार साल के बच्चे को उसके मां बाप न्यू यॉर्क की चिलचिलाती ठंड में जबरदस्ती बर्फ पर दौड़ने के लिए मजबूर कर रहे हैं.
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की पहचान बन चुके 2002 के दंगे ने उन्हें एक बार फिर झकझोर दिया है. राज्य के हाई कोर्ट ने उन्हें झाड़ते हुए कहा कि मोदी सरकार दंगों के वक्त हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी रही.
यूरोपीय संघ और अमेरिका द्वारा ईरान पर उसके विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम के कारण लगाए गए ताजा आर्थिक प्रतिबंधों का असर नजर आने लगा है. ईरानी व्यापारियों ने भारतीय व्यापारियों को 2 लाख टन चावल का भुगतान नहीं किया है.
दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान भी दुनिया की सबसे विवादित जेल को बंद नहीं करा सका.
बरसों से मानवाधिकार के लिए लड़ रही सू ची का अप्रैल में चुनाव लड़ने का फैसला ऐतिहासिक है. फैसले के बाद समर्थकों के साथ सू ची.
देश में बदलाव की घोषणा के बाद आम लोगों में खुशी की लहर है. सू ची की रिहाई के बाद म्यांमार के आम लोगों में उम्मीद बंधी है.
फरवरी 2011 में पूर्व सैनिक कमांडर थेइन सेइन को राष्ट्रपति चुना गया. मानवाधिकारों के आरोपी सेइन के नेतृत्व में बदलाव से दुनिया चकित है.
पिछले साल अगस्त में आंग सांग सू ची और थेइन सेइन की पहली भेंट. इस भेंट ने ही देश में बदलाव के संकेत दे दिए.
सितंबर में सरकार ने इरावदी पर विवादास्पद बांध का निर्माण रोक दिया. चीन की नाराजगी के खतरे के बावजूद शासन ने जनता की राय का सम्मान किया.
दिसंबर 2011 में अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन म्यांमार पहुंचीं. उन्होंने म्यांमार की तारीफ की लेकिन बहुत ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया.
मशहूर कलाकार जार्गनार सहित 200 लोगों को पिछले साल रिहा किया गया. उसके बाद इस साल 300 राजनीतिक बंदी और छोड़े गए.
सरकार ने पश्चिमी देशों की एक और मांग मानते हुए 2012 में पूर्वी सीमा पर रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय कारेन के साथ संघर्ष विराम कर लिया.
देश की जनता को सबसे ज्यादा उम्मीद सू ची से ही है. लेकिन चुनाव के बाद ही पता चलेगा कि बदलाव किस राह पर बढ़ा है.